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पेट में गांठ

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परिचय: https://www.lybrate.com/mewat/clinic/shah-ayurved-treatment-mewat पेट में गांठ होने से पेट के किसी भाग में  सूजन  या उभार बन जाता है, जो पेट के क्षेत्र से बाहर निकला हुआ दिखाई देता है। ऐसे कई संभावित कारण हैं, जो पेट में गांठ पैदा कर सकते हैं जैसे  हर्निया ,  लिपोमा  (चर्बी की गांठ),  हीमेटोमा  (त्वचा के नीचे खून जमा होना),  ट्यूमर  बनना और वृषण संबंधी कुछ समस्याएं आदि। पेट की गांठ कठोर या नरम हो सकती है और उसमें दर्द भी महसूस हो सकता है। हालांकि कई बार पेट में गांठ होने से किसी प्रकार के लक्षण नहीं होते।  इसके अलावा कुछ मामलों में पेट में गांठ के साथ अन्य कई लक्षण भी महसूस हो सकते हैं, जैसे  पेट दर्द , गुदा से खून आना,  कब्ज  होना, लगातार वजन कम होना या  मतली व उल्टी  आदि। इस स्थिति का परीक्षण करने के लिए डॉक्टर आपका शारीरिक परीक्षण करेंगे और आपके स्वास्थ्य संबंधी पिछली जानकारी लेंगे। इसके अलावा डॉक्टर आपको कुछ टेस्ट करवाने के लिए कह सकते हैं,जिनमें  सीटी स्कैन ,  एमआरआई स्कैन ,  खून टेस्ट ...

5 प्रसूती रोग जिनसे दो-चार होना पड़ता है लगभग हर महिला को - 5 Prasuti Rog Jinse Do Chaar Hona Padta Hai Lagbhag Har Mahila Ko

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5 प्रसूती रोग जिनसे दो-चार होना पड़ता है लगभग हर महिला को - 5 Prasuti Rog Jinse Do Chaar Hona Padta Hai Lagbhag Har Mahila Ko जिस तरह महिलाओं का शरीर पुरुषों से भिन्न है उसी तरह महिलाओं के रोग भी पुरुषों से भिन्न हैं। कुछ समय पहले तक महिलाएं निजी समस्या होने पर किसी को बताने में झिझक महसूस करती थीं, लेकिन मौजूदा समय बदल चुका है। अब स्त्री रोगों पर ना केवल खुलकर चर्चा होती है बल्कि महिलाएं खुद भी इनके बारे में जानने के लिए उत्सुक रहती हैं और इन मुद्दों पर बिना शरमाये बात करती हैं। आइये आपको बताते हैं महिलाओं में प्रसूति रोग से संबंधित कुछ ऐसी समस्याएं जिनकी जानकारी हर महिला को होना जरूरी है, जिससे महिलाएं समस्या को डर कर छिपाएं नहीं बल्कि इनका उपचार करके स्वस्थ रहें। महिलाओं में आम प्रसूती रोग - Common Gynecological Problems in Women 1- अनियमित माहवारी - Irregular Menstrual Cycle हर महीने मासिक चक्र के दौरान महिलाएं अनफर्टीलाइज एग्स रिलीज करती हैं। इन अंडों की सुरक्षा के लिए (संभव है की फर्टीलाइज हों) एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिससे गर्भाशय के ऊपर...

बच्चों के लिए पौष्टिक आहार - Nutritious Foods for kids in Hind

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बच्चों के लिए पौष्टिक आहार - Nutritious Foods for kids in Hind स्वस्थ खाना, बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास (Physical and Mental Development of Kids) के लिए बेहद जरूरी है। स्वस्थ खाने से बच्चे ऊर्जावान बने रहते हैं तथा बच्चों का दिमाग भी तेज होता है। बच्चों में स्वस्थ खाने की आदत भी परिवार के सदस्य ही डाल सकते हैं। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि बच्चों को हर खाद्य पदार्थ के अच्छे और बुरे पहलुओं से अवगत कराया जाए जिससे बच्चों में बचपन से ही स्वस्थ और अच्छे खान पान की आदत बन जाए।  जंक फूड के नुकसान - Harmful Effects of Junk Food जंक फूड की ओर बच्चे जल्दी आकर्षित होते हैं लेकिन बच्चों को यह बताना बेहद जरूरी है कि जंक फूड शरीर को किसी भी मायने में फायदा नहीं पहुंचाता। बच्चों को वही भोजन देना चाहिए जो पोषक तत्वों से भरपूर हो। अच्छे पोषक तत्व मोटापा, कमजोर हड्डियां आदि से बचने में सहायता करते हैं।  बच्चों के लिए आवश्यक पोषक तत्व - Healthy Foods for Kids बच्चों के संपूर्ण ग्रोथ के लिए जरूरी है कि हम ऐसे डाइट का पालन करें जिससे बच्चें को पूरे पोषण मिल सकें (Nutritious Food ...

इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या ईसीजी - Electrocardiogram Ya Ecg in Hindi

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इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम या ईसीजी - Electrocardiogram Ya Ecg in Hindi इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम यानि ईसीजी के द्वारा दिल की घड़कनों और उससे निकलने वाली विद्युत तरंगों के द्वारा दिल की बीमारी का पता लगाया जाता है। ईसीजी जांच (ECG) में दिल की धड़कन को विद्युत तरंगों के रूप में देखा जाता है। यह एक सामान्य और सुरक्षित जांच है, जो जांच केंद्र, अस्पताल, प्रयोगशाला पर भी की जा सकती है। आधुनिक तकनीक से की जानी वाली यह जांच इतनी कुशल है कि इसका परिणाम तुरंत ही मिल जाता है। ईसीजी या इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम परीक्षण में दिल से जुड़े अंगों और रोगों का निदान किया जाता है। दिल की सरंचना बेहद जटिल होती है। यह एक मांसपेशीय पंप की तरह है जो चार कक्षों से बना होता है, जिनमें से ऊपर के दोन पंपों को परिकोष्ठ (Atria) और निचले दो पंपों को निलय (Ventricle) कहा जाता है। ईसीजी मशीन सामान्य तौर पर, दिल की धडकनों व परिणाम को तरंगों की भाषा में एक विशेष कागज (ग्राफ पेपर) पर दर्शाता है। यह ग्राफ पेपर लगभग 1 मिमी वर्ग मीटर का लाल या हरे रंग में होता है, जो क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर दिशाओं में 5- 5 मिमी पर विभाजित है। ईसीजी जांच ...

पेशाब की जांच - Urine Test in Hindi

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पेशाब की जांच - Urine Test in Hindi पेशाब की जांच, मूत्र के विभिन्न घटकों और अपशिष्ट तत्त्वों के विश्लेषण के लिए की जाती है| इसके माध्यम से कई रोगों या उनके लक्षणों का पता चलता है। किडनी, मूत्र के द्वारा रक्त में उपस्थित अपशिष्ट पदार्थों, खनिज, व अन्य पदार्थों को बाहर ले जाने का कार्य करती है। मूत्र, शरीर की सारी गंदगी का रूप है, जो आपके खान- पान, व्यायाम, गुर्दे का कार्य, स्वास्थ्य, होने वाली बीमारी आदि की भी जानकारी देता है। पेशाब की जांच (Urine Test) एक रासायनिक परीक्षण है, जिसके लिए अधिकतर जांच केंद्र परीक्षण पट्टी या स्ट्रिप्स (Strips) का इस्तेमाल करते हैं। यह एकदम सुरक्षित जांच है, जिसमें पेशाब का सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जाता है। जरूरी नहीं कि इसकी जांच किसी बीमारी में ही करवाई जाए, यह आम शारीरिक उतार-चढ़ाव में भी करवाई जा सकती है।  यूरीन रूटीन टेस्ट - Urine Routine Test मूत्र के आधार पर लगभग सौ से भी अधिक परीक्षण किए जाते हैं, जिसकी नियमित जांच में निम्न परीक्षणों को आधार बनाया जाता है: रंग - Color बहुत सी बातें मूत्र रंग को प्रभावित करती हैं, ज...

कैसे करें गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग - How To Use Oral Contraceptives Pills in Hindi

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कैसे करें गर्भ निरोधक गोलियों का प्रयोग - How To Use Oral Contraceptives Pills in Hindi गर्भनिरोधक गोलियां अनचाहे गर्भ और परिवार नियोजन के लिए आज भी सबसे सुरक्षित और विश्वभर में मान्य तरीका है। बर्थ कंट्रोल के लिए उपयोग होने वाली इन गोलियों में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन हार्मोन का उपयोग होता है। शादी के बाद स्थायी बर्थ कंट्रोल के रूप में नियमित लेने पर गोली अत्यधिक प्रभावी होती है। गर्भ निरोधक गोलियों के प्रकार - Types of Oral Contraceptives Pills मुंह से खाने वाली गर्भ निरोधक गोलियां कई तरह की होती हैं। कुछ का इस्तेमाल लगातार किया जा सकता है जो पूरे महीने के पैक में आती है। इन्हें मिश्रित गर्भनिरोधक गोलियां (Combined Birth Pills) कहा जाता है, इसमें एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टिन नाम के दो हार्मोन होते हैं। अन्य गोलियां होती हैं:  मिनी पिल या प्रोजेस्टिन ओनली पिल (Progesterone Pills)  इमरजेंसी गर्भनिरोधक गोलियां (Morning After Pills or Emergency Contraception Pills) इनमें से महीने के पैक में आने वाली मिश्रित गर्भनिरोधक गोलियां ही सबसे ज्यादा प्रयोग होती हैं। शादी के बाद बर्थ कंट्रोल...

सेक्स लाइफ को बेहतर और मजेदार बनाने के टिप्स - Tips to make sex life better and fun in Hindi

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सेक्स लाइफ को बेहतर और मजेदार बनाने के टिप्स - Tips to make sex life better and fun in Hindi स्वस्थ और बेहतर सेक्स लाइफ का होना एक लंबे जीवन की निशानी मानी जाती है। बेहतर सेक्स लाइफ जहां इंसान को शारीरिक समस्याओं से दूर रखती है वहीं यह मानसिक अवसाद से भी दूर रखने में असरदार साबित होती है। आइए जानें कुछ ऐसे टिप्स (Sex tips) जिनसे आपकी सेक्स लाइफ बेहतर हो सकती है।  बेहतर सेक्स लाइफ के लिए टिप्स (Tips for Better Sexual Life in Hindi) किस करें (Kissing) सेक्स का अर्थ केवल इंटरकोर्स नहीं होता है। सेक्स से पहले मूड बनाने के लिए अपनी साथी को किस करना जरूरी है। यह अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से प्रदर्शित करने का भी एक तरीका होता है। माहौल बनाएं (Set the Atmosphere) आजकल मार्केट में कई ऐसे प्रोडक्ट्स आ चुके हैं जो आपके बेडरूम का माहौल बेहद रंगीन बना सकती हैं जैसे सुगंधित मोमबत्तियां, फ्लेवर्ड कंडॉम, सेक्स टॉय आदि। इनका प्रयोग करें और अपनी सेक्स लाइफ में थोड़ा तड़का लगाएं। फोरप्ले करें (Do Foreplay before Sex) सेक्स से पहले फोरप्ले के कई फायदे होते हैं। यह जहां महिलाओं को प्राकृ...